पर्यावरण के लिए 2000 KM की साइकिल यात्रा: कहा- पर्यावरण की शुद्धता के लिए मिलकर करें प्रयास

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Smart Newsline (SN)

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गंगापुर सिटीएक घंटा पहले

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पर्यावरण के लिए सार्थक पहल करने के लिए डॉ. किरण सेठ 2000 KM की साइकिल यात्रा करते हुए मंगलवार को गंगापुर पहुंचे।

पद्मश्री से सम्मानित डॉ. किरण सेठ का कहना है कि पर्यावरण की शुद्धता के लिए सार्थक प्रयासों की जरूरत है। इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। डॉ. किरण सेठ 2000 KM की साइकिल यात्रा करते हुए मंगलवार को गंगापुर पहुंचे। डॉक्टर सेठ ने 11 मार्च को राजघाट नई दिल्ली से अपनी साइकिल यात्रा शुरू की।

डॉ. किरण सेठ के गंगापुर पहुंचने पर्यावरण प्रेमियों ने उनका माला साफा पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर आयोजित समारोह में पदमश्री डॉ. किरण सेठ ने कहा कि वर्तमान भौतिकवादी युग में सर्वाधिक नुकसान पर्यावरण को हुआ है। समय रहते यदि हम सभी सजग नहीं हुए तो इसके भयावह परिणाम देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि उनका साइकिलिंग कोई फैशन नहीं है यह तो प्रकृति को लाभ पहुंचाने का एक जरिया है। साइकिलिंग करने से मानसिक एवं शारीरिक विकास होता है। साथ ही पर्यावरण भी स्वस्थ्य रहता है।

70 वर्षीय किरण सेठ रोजाना 50 किलोमीटर साइकिल चलाते हैं। कश्मीर से कन्याकुमारी तक पर्यावरण की शुद्धता के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। बीती रात उन्होंने मलाना डूंगर में विश्राम किया। मंगलवार सुबह यहां पहुंचने पर मंगलम होटल के निदेशक पंकज मंगलम, सैनी (माली) समाज के जिला अध्यक्ष सीएल सैनी, क्रिएटिव साइंस एकेडमी निदेशक महेन्द्र शर्मा सहित कई शिक्षाविदों ने डॉ. किरण सेठ का नागरिक अभिनंदन भी किया।

राजघाट नई दिल्ली से शुरू की थी यात्रा
डॉक्टर सेठ ने 11 मार्च को राजघाट नई दिल्ली से अपनी साइकिल यात्रा शुरू की। वे अलवर,जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ ,अहमदाबाद, बड़ौदरा, गोधरा ,उज्जैन ,कोटा ,सवाई माधोपुर होते हुए गंगापुर सिटी पहुंचे।

1977 में स्पीक मैके की शुरुआत
डॉ. सेठ में दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रहते हुए 1977 में स्पीक मैके की शुरुआत की थी। उनका कहना है कि आईआईटी में पढ़ाते हुए देखने में आया कि प्रतिभाशाली युवाओं को काफी कुछ सिखाते हैं, लेकिन फिर भी युवा डिप्रेशन में रहता है। इसमें कई युवा आत्महत्या तक कर लेते हैं। इसी को देखते हुए स्कूल कॉलेजों में युवाओं को शास्त्रीय संगीत से जोड़ने की ठानी। इसी उद्देश्य से शुरू किए गए काम में पहले 15 कलाकार जुड़े थे। आज डेढ़ हजार से अधिक कलाकार इसमें जुड़ गए हैं।

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