करनाल में 45 किसानों पर कार्रवाई: UP से पनीरी लाकर लगाई अगेती धान; फसल नष्टकर 4 हजार प्रति एकड़ जुर्माना लगाया

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Smart Newsline (SN)

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करनालएक घंटा पहले

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किसानों पर कार्रवाई करते हुए कृषि विभाग की टीम।

हरियाणा के करनाल जिले में कृषि विभाग ने 45 किसानों पर कार्रवाई की है, जिन्होंने निर्धारित समय से पहले धान की रोपाई की थी। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक्टर व स्प्रे से धान को नष्ट किया। साथ ही 4 हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से जुर्माना लगाया है।

जांच में सामने आया कि किसानों ने उत्तर प्रदेश से धान की पनीरी लाकर रात के समय ही फसल की रोपाई कर दी थी। विभाग ने किसानों से अपील की कि वे 15 जून से पहले धान की रोपाई का काम न करें। ऐसा करने वाले के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

किसान ने बताया कि कृषि विभाग साठी धान पर कार्रवाई कर रहा है। मौजूदा समय में 4 से 5 घंटे बिजली सप्लाई आती है। जिस किसान के पास 10 एकड़ है, वह 5 घंटे की बिजली सप्लाई से अपने पूरे रकबे की धान का पानी पूरा नहीं कर सकता। ऐसे में उनकी फसल बिना पानी के खराब हो जाएगी।

स्प्रे व ट्रेक्टर से धान को नष्ट करते हुए।

स्प्रे व ट्रेक्टर से धान को नष्ट करते हुए।

10 एकड़ के किसान को दो एकड़ पहले लगाने की अनुमति दी जाए। 4 एकड़ उसके बाद और 4 एकड़ बिल्कुल बाद में धान रोपाई करने दें। ऐसे करने से 5 घंटे बिजली सप्लाई में धान का पानी पूरा हो पाएगा। जो दो एकड़ शुरुआत में लगाई है। उस खेत में बाद में धनिया बोआ जाएगा। दोबारा से धान नहीं रोपी जाएगी। इस बार गेहूं की पैदावार कम हुई थी। सूखा चारा कम हुआ। अब ऐसी कार्रवाई करके किसानों को परेशान किया जा रहा है।

15 जून से पहले नहीं करें रोपाई

डीडीए आदित्या डबास ने बताया कि हर साल जिले में ऐसे मामले सामने आते हैं। जिले में 8 से 10 गांव ऐसे हैं, जो समय से पहले धान की रोपाई कर लेते हैं। सरकार के आदेशानुसार, 15 मई से पहले नर्सरी नहीं लगा सकते और 15 जून से पहले धान की रोपाई नहीं कर सकते। जो समय से पहले ऐसा करता है, वहां पर विभाग के अधिकारी, कर्मचारी जाकर उसे नष्ट करते हैं और किसान को समझाते हैं।

किसानों को समझाते हुए कृषि विभाग की टीम।

किसानों को समझाते हुए कृषि विभाग की टीम।

इस बार कुछ किसानों ने यूपी से धान की पौध लाकर रात के समय रोपाई कर दी। भूमिगत जल नीचे जाने से सरकार ने एक नियम बनाया हुआ है। धान की सीधी बिजाई 25 मई से की जा सकती है। इसके लिए सरकार द्वारा 4 हजार रुपए अनुदान के तौर पर दिए जा रहे हैं। विभाग के पास समय पहले धान की रोपाई की सूचना आई। कार्रवाई करते हुए करीब 45 किसानों पर 4 हजार रुपए जुर्माना लगाया और ट्रैक्टर व स्प्रे करवाकर धान को नष्ट किया है। यदि भूमिगत जल का ऐसे ही प्रयोग किया गया तो जलस्तर 700 से नीचे चला जाएगा और एरिया मरुस्थल बन जाएगा।

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