कई को बेची गई एक जमीन: पानीपत पुलिस ने नहीं की आरोपियों पर कार्रवाई; गृहमंत्री विज के आदेशों के बाद केस दर्ज

0
5

Smart Newsline (SN)

Get Latest News from Smart Newsline on Whatsapp (Click to Join)

पानीपतएक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक

गृहमंत्री अनिल विज के आदेशों के बाद हुआ केस दर्ज।

हरियाणा के पानीपत जिले में धोखाधड़ी से एक ही जमीन को कइयों के नाम बेचने का बड़ा मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ पानीपत पुलिस को तीन बार शिकायत भी दी, मगर आरोपियों के रसूख के चलते पुलिस ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। मामले में केस तक दर्ज नहीं किया, इसलिए पीड़ित ने गृहमंत्री अनिल विज का दरवाजा खटखटाया।

गृहमंत्री के आदेशों के बाद पानीपत पुलिस को केस दर्ज करना ही पड़ा। पीड़ित ने गृहमंत्री से यह भी आग्रह किया है कि मामले की जांच किसी अन्य जिला पुलिस से करवाई जाए। फिलहाल पानीपत पुलिस ने गृहमंत्री के आदेशों व शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 506 व 120बी के तहत केस दर्ज कर लिया है।

आईजी के आदेशों को भी पानीपत पुलिस ने किया दरकिनार

गृहमंत्री अनिल विज को दी शिकायत में सुरेश ने बताया कि वह न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के निवासी हैं। उसने खुद के साथ जमीनी धोखाधड़ी करने के आरोप कृष्ण लाल, सुभाष चंद, सुनील कुमार, हितेश उर्फ रिकी निवासी सुखदेव नगर, अशोक, दीपक निवासी कप्तान नगर पर लगाए हैं। उक्त सभी के खिलाफ उसने 27 जुलाई 2021 व 15 नवंबर 2021 को एसपी को शिकायत दी थी।

मगर आरोपी पक्ष के रसूख के कारण पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसने 6 दिसंबर 2021 को करनाल आईजी को शिकायत दी। उन्होंने एसपी पानीपत से कार्रवाई करने को कहा। आरोप है कि पुलिस विभाग ने आरोपियों के साथ मिलकर उसकी दरखास्त को रफा-दफा करवा दिया, जबकि 20 दिसंबर 2021 को शिकायतकर्ता व आरोपियों के बयान दर्ज करवाए गए थे, जिसमें आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने उसकी 12477 गज का आधा हिस्सा उसको व आधा हिस्सा अमित कुमार निवासी वार्ड 11 को बेचा हुआ है।

पानीपत पुलिस को अपनी कठपुतली मानते हैं आरोपी: पीड़ित

सुरेश ने आरोपियों को कई बार रजिस्ट्री करवाने के बारे में कहा तो वे उसकी बात पर टाल मटोल कर देते थे। इसके बाद सुरेश को पता लगा कि उपरोक्त आरोपियों ने सांठ गांठ व धोखाधड़ी करके अन्य लोगों को जमीन चोरी-छिपे 2014 में बेच दी थी। मामले का पता लगने पर आरोपियों ने सुरेश को जान से भी मारने की धमकी दी।

सुरेश ने मौके पर जाकर देखा तो पता लगा कि जिस जमीन का सौदा किया था, वह मौके पर मौजूद नहीं है। सुरेश ने अपने खर्चे पर पटवारी के साथ जाकर मौका मुआयना किया व निशानदेही की रिपोर्ट तैयार करवाई। जिसमें यह स्पष्ट लिखा हुआ है कि सुरेश के साथ किए गए इकरारनामा में जमीन किसी अन्य व्यक्ति को सांठ गांठ करके बेची गई है।

सुरेश ने गृहमंत्री से आग्रह किया है कि आरोपियों के खिलाफ जालसाजी करने, धोखाधड़ी व फुल एंड फाइनल पेमेंट हड़पने व जान से मारने की धमकी देने की कार्रवाई की जाए। साथ ही मामले की जांच किसी अन्य जिला पुलिस से करवाई जाए, क्योंकि आरोपियों का पानीपत में रसूख है और वह पानीपत पुलिस को कठपुतली मानते हैं। उन्हें राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त है।

खबरें और भी हैं…

For breaking news and live news updates, like Smart Newsline on Facebook or follow us on Twitter & Whatsapp