गाजीपुर बॉर्डर खुलवाने के लिए लोग सड़कों पर उतरे: गाजियाबाद में प्रदर्शन किया, किसानों से कहा- रास्ता खाली करो

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Smart Newsline (SN)

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गाजियाबाद32 मिनट पहले

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गाजियाबाद एओए के बैनर तले स्थानीय लोगों ने एक साल से बंद पड़े गाजीपुर बॉर्डर को खुलवाने के लिए प्रदर्शन किया।

गाजीपुर बॉर्डर एक साल से बंद है। उसे खुलवाने के लिए गाजियाबाद फेडरेशन ऑफ अपार्टमेंट ऑनर एसोसिएशन (AOA) आगे आया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ स्थानीय लोग रविवार को सड़क पर उतर आए। वह इंदिरापुरम स्थित आम्रपाली विलेज सोसाइटी के सामने जमा हुए। जुलूस निकालते हुए यूपी गेट तक गए और प्रदर्शन किया। स्थानीय निवासियों के हाथ में होर्डिंग थे। इन होर्डिंग पर ‘किसान भाइयों अब रास्ता खोलो’, ‘किसान भाइयों को आमजन की पुकार-रास्ता खाली करा दो सरकार’ जैसे स्लोगन लिखे हुए थे।

धरनास्थल तक पहुंचने से पहले पुलिस ने रोका

पुलिस ने स्थानीय लोगों को उस जगह तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया। जहां पर किसान पिछले एक साल से धरने पर बैठे हुए हैं। पुलिस को डर था कि किसानों व प्रदर्शनकारियों में आपस में टकराव हो सकता है। मौके पर पहुंचे पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वह उनकी मांगों को किसानों के समक्ष रखेंगे और उनसे रास्ता खोलने की अपील करेंगे।

AOA अध्यक्ष बोले- एक साल हो गया, कब तक शांत बैठेंगे

AOA अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि हमें यह लग रहा है कि अब अति हो गई है। किसानों की जो मांगें हैं, वे सरकार से हैं। सरकार उनकी कुछ बात मान रही, कुछ नहीं मान रही। हम मान रहे हैं किसानों की मांग जायज हैं और वे इसके लिए प्रोटेस्ट भी करें। लेकिन हमारा रास्ता, हमारे गेट कब तक बंद रखिएगा। एक साल तक हम लोग चुप रहे। किसानों का साथ देते रहे। अब पीएम ने कह दिया, कैबिनेट ने पास कर दिया, लोकसभा से भी अब एप्रूवल हो जाएगा। इसके बावजूद वो रास्ता बंद रखने की नीयत से बैठे रहें तो हम कब तक शांत बैठे रहेंगे। हम भी सोच रहे हैं कि अपना घर-दफ्तर बंद करके हम भी हाईवे का दूसरा रास्ता बंद कर देते हैं। हमारी सरकार, पुलिस और अदालत कोई भी नहीं सुन रहा है।
एक साल से दिक्कत झेल रहे लाखों लोग

गाजीपुर बॉर्डर पर किसान धरना देकर 26 नवंबर 2020 से बैठे हुए हैं। इस वजह से मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे की छह लेन और गाजीपुर मुर्गा मंडी को जाने वाली एलिवेटेड रास्ते की सर्विस लेन एक साल से बंद पड़ी हुई है। रोजाना लाखों लोग कई किलोमीटर अतिरिक्त सफर करके दिल्ली जा रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी ऑफिस में जॉब करने वालों को होती है, जो समय पर नहीं पहुंच पाते।

किसान बोले- हमने नहीं, पुलिस ने रोके हैं रास्ते

इधर, किसान नेताओं का कहना है कि उन्होंने कोई रास्ता बंद नहीं किया। उनके टैंट-तंबू सड़क के किनारे लगे हुए हैं। बीच की सड़क खाली है। पुलिस ने कई जगह बैरीकेडिंग करके लोगों के रास्ते रोके हुए हैं। किसान नेताओं का कहना है कि पुलिस अपनी बैरीकेडिंग हटाए और स्थानीय लोगों को दिल्ली आने-जाने के लिए रास्ता दे। इधर, गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि वाहन चलने पर सड़क किनारे लगे टैंट-तंबू चपेट में आ सकते हैं। किसानों की सुरक्षा के लिए बैरीकेड्स लगाए हुए हैं।

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