Global Statistics

All countries
334,604,210
Confirmed
Updated on January 18, 2022 11:24 pm
All countries
268,360,632
Recovered
Updated on January 18, 2022 11:24 pm
All countries
5,572,166
Deaths
Updated on January 18, 2022 11:24 pm

Global Statistics

All countries
334,604,210
Confirmed
Updated on January 18, 2022 11:24 pm
All countries
268,360,632
Recovered
Updated on January 18, 2022 11:24 pm
All countries
5,572,166
Deaths
Updated on January 18, 2022 11:24 pm

शिक्षक दिवस पर विशेष- हरिओम जिंदल: लुधियाना का एक वकील, जिसने स्लम एरिया के बच्चों के हाथों से कूड़ा छीन थमा दी किताबें, 500 बच्चों को कर चुके है शिक्षित

Punjab

बिल्डिंग तैयार: चौकीदार को बंदी बना लाखों का सरिया लूटा, दो व्यक्तियों पर केस दर्ज

Smart Newsline (SN) Get Latest News from Smart Newsline on Whatsapp (Click to Join) पटियाला42 मिनट पहलेकॉपी लिंकजहां बिल्डिंग बनाने का सामान रेता,...

पंजाब कांग्रेस में बगावत: मतदान से पहले डैमेज कंट्रोल में जुटी पार्टी; दूसरे दलों में जा रहे दिग्गज नेताओं की मान मनौवल शुरू

Smart Newsline (SN) Get Latest News from Smart Newsline on Whatsapp (Click to Join) जालंधर4 घंटे पहलेकॉपी लिंकपंजाब में कांग्रेस की चुनाव टिकटें...

नाराजगी दूर करने के 6 दिन: सीएम अपने भाई तो सीनियर नेता राणा गुरजीत की नाराजगी दूर करने लगे, मजीठा से सच्चर की चंडीगढ़...

Smart Newsline (SN) Get Latest News from Smart Newsline on Whatsapp (Click to Join) अमृतसर3 घंटे पहलेकॉपी लिंकपंजाब में चुनाव 6 दिन आगे...

Smart Newsline (SN)

Get Latest News from Smart Newsline on Whatsapp (Click to Join)

लुधियानाएक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक

स्लम एरिया के बच्चों के साथ हरिओम जिंदल।

आज शिक्षक दिवस के दिन हर उस शख्स को नमन करना बनता है, जिसने अपने ज्ञान से समाज को रोशनी दी। पंजाब के लुधियाना जिला निवासी हरिओम जिंदल भी ऐसे ही एक शिक्षक हैं, जिन्होंने झुग्गी बस्ती में रहने वाले बच्चों के हाथों से कूडा छीनकर उन्हें किताबें थमाई। आज उनके पढ़ाए झुग्गी वाले बच्चे फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हैं। वह अब तक 500 बच्चों को शिक्षित कर चुके हैं, जिन्हें अब बेहतर जीवन जीने के साथ अपने हकों के बारे में पता है। पेशे से वकील हरीओम जिंदल लुधियाना में ऐसे 3 स्कूल चलाते हैं, जहां पर कूड़ा बीनने वाले झुग्गी में रहते बच्चे शिक्षा ले रहे हैं।

हरिओम जिंदल बताते हैं कि यह सफर 2003 में शुरू हुआ था और लगातार चल रहा है। दरअसल वह शिक्षा प्रणाली पर किताब लिखना चाहते थे। उन्हें 1998 में अपना इंटरनेशनल शिपिंग का बिजनेस बंद करना पड़ा। बाद में लॉ की डिग्री ली और 2003 से ऐसे बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। वह कहते हैं कि एक बार वह शिक्षा के स्तर की जानकारी लेने के लिए स्लम एरिया में गए तो कूड़ा बीन रहे बच्चों को देख उनसे रहा न गया और वह उन्हें पढ़ाने लग गए। वह उन्हें नेशनल ओपन स्कूल के माध्यम से पढ़ाते हैं। वह कहते हैं कि उनका मकसद बच्चों को शिक्षित करने के साथ-साथ उनके हकों, अधिकारों और देश व समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों से अवगत करवाना है।

बच्चों को कम्प्यूटर से जुड़ी जानकारी देते हरिओम जिंदल

बच्चों को कम्प्यूटर से जुड़ी जानकारी देते हरिओम जिंदल

आसान नहीं थी डगर, लड्डू और चॉकलेट खिलाकर मनाया
हरिओम जिंदल बताते हैं कि यह बेहद मुश्किल काम था। शुरूआत में बच्चे पढ़ने को राजी ही नहीं थे। वह उनके लिए रोजाना लड्डू और चॉकलेट लेकर जाते थे और वह उन्हें लड्डू वाला अंकल बुलाने लगे थे। बाद में धीरे- धीरे पढ़ाई की बातें शुरू कीं। बड़ी मुश्किल से उनके परिजनों को मनाया और अब 150 बच्चे उनके पास पढ़ते हैं। कई बच्चे ऐसे हैं, जिन्होंने 5वी और 8वीं कक्षा पास कर ली है।

ए फॉर एप्पल नहीं एडमिनिस्ट्रेशन पढ़ाते हैं हरिओम
हरिओम जिंदल बच्चों को किताबी ज्ञान ही नहीं दे रहे हैं, बल्कि उन्हें जागरूक भी कर रहे हैं। इसलिए उनका बच्चों को पढ़ाने का तरीका भी अलग ही है। वह बच्चों को ए फॉर एप्पल नहीं एडमिनिस्ट्रेशन, बी फॉर ब्वॉय नहीं ब्यूरोक्रेसी पढ़ाते हैं। उन्होंने बच्चों के लिए अल्फाबेट्स की एक खास किताब (Empowerment through Knowledge) तैयार की है। वह बताते हैं कि इस तरह पढ़ाने के दो बड़े फायदे हैं। पहला बच्चे शिक्षित होते हैं, दूसरा वे समाज के प्रति जागरूक होते हैं। वह बच्चों को यह समझते हैं कि एडमिनिस्ट्रेशन क्या होता है, कॉन्स्टिट्यूशन क्या है।

बच्चों को पढ़ाते हरिओम जिंदल।

बच्चों को पढ़ाते हरिओम जिंदल।

कम्प्यूटर सेंटर पर भी मिल रही है शिक्षा
हरिओम जिंदल बच्चों को कंप्यूटर चलाना भी सिखा रहे हैं। इसके लिए कंप्यूटर सेंटर बनाया गया है। जहां बच्चे फ्री में कंप्यूटर चलाना सीखते हैं। उनका काम अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। उनके पढ़ाए बच्चे फार्राटेदार अंग्रेजी बोलते हैं। कई बच्चे अलग-अलग मंचों पर अपनी प्रतिभा के लिए सम्मानित किए जा चुके हैं। यहां पर 5वीं कलास में पड़ती मुन्नी डीसी और सुनीता वकील बनना चाहती है, ताकि वह आगे चलकर शिक्षा का सिस्टम बदल सके।

हरिओम जिंदल ने जिंदगी में देखे कई उतार चढ़ाव
कहते हैं अगर कोई नेक काम करो तो इसमें दिक्कतें भी बहुत आती हैं। ऐसा ही कुछ हरिओम जिंदल के साथ भी हुआ है। 09 जून 1966 को लुधियाना में पैदा हुए हरिओम जिंदल का बचपन आम बच्चों की तरह नहीं बीता। पिता सुदर्शन जिंदल पेशे से एक कारोबारी थे। हर पिता की तरह वे अपने बच्चे को एक बेहतर जिंदगी देना चाहते थे, मगर कारोबार में नुकसान होने के कारण उन्हें अचानक से फिरोजपुर शिफ्ट होना पड़ा। यही वजह रही कि हरिओम की मैट्रिक स्तर की पढ़ाई गांव में ही हुई। किसी तरह उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और गांव से निकलकर ग्रेजुएशन की शिक्षा के लिए चंडीगढ़ के महाविधालय में दाखिला लिया। जिंदल के अनुसार, एक बार उनके पिता का कारोबार ठप हो गया तो आर्थिक संकट खड़ा हो गया। फिर उन्होंने इंटरनेशनल शिपिंग का काम शुरू किया और वह भी बंद करना पड़ा। अब वह समाज सेवा कर काफी हद तक संतुष्ट हैं। वकालत से घर चलता है और लोगों की सहायता से स्कूल चला रहे हैं।

खबरें और भी हैं…

For breaking news and live news updates, like Smart Newsline on Facebook or follow us on Twitter & Whatsapp

Hot Topics - Haryana

डेढ़ लाख में 15 दिन की दुल्हन: शादी करवाने के नाम पर ठगी का रैकेट चलाने वाला बिचौलिया दबोचा, पुलिस ने रिमांड पर लिया

Smart Newsline (SN) Get Latest News from Smart Newsline on Whatsapp (Click to Join) हिसार11 घंटे पहलेकॉपी लिंकजगदीश और रूबी की शादी की...

मदद के नाम पर धोखा: युवक ने बदल डाला अधेड़ का एटीएम कार्ड, फिर दो बार में खाली कर दिया खाता

Smart Newsline (SN) Get Latest News from Smart Newsline on Whatsapp (Click to Join) रोहतक10 घंटे पहलेकॉपी लिंकठगी का शिकार हुए सत्यवीर सिंह।हरियाणा...

रिश्वतखोर नायब तहसीलदार अमित कुमार गिरफ्तार: रजिस्ट्री के नाम पर एडवोकेट से लिए 14 हजार; विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों ऑफिस से दबोचा

Smart Newsline (SN) Get Latest News from Smart Newsline on Whatsapp (Click to Join) रेवाड़ी9 घंटे पहलेकॉपी लिंकहरियाणा के महेन्द्रगढ़ जिले में मंगलवार...

Related Articles - Delhi NCR

शिकंजे में अपराधी: स्कूल संचालक का अपहरण कर दस लाख की फिरौती मांगने वाला बदमाश पांच माह बाद गिरफ्तार

Smart Newsline (SN) Get Latest News from Smart Newsline on Whatsapp (Click to Join) फरीदाबाद3 घंटे पहलेकॉपी लिंकपकड़ा गया बदमाश पुलिस से बचने...

शहीद की अंतिम यात्रा: 26 वर्षीय सचिन डागर की शहादत पर लोगों की आंखों से छलके आंसू, पिता ने कहा शहादत पर है गर्व

Smart Newsline (SN) Get Latest News from Smart Newsline on Whatsapp (Click to Join) गुड़गांव41 मिनट पहलेकॉपी लिंकशहीद सचिन डागर को सेना ने...

स्वास्थ्य विभाग का खुलासा: भास्कर खास: तीसरी लहर में 18 से 44 साल के 58.40 फीसदी व 45 से 60 साल के 21. 86...

Smart Newsline (SN) Get Latest News from Smart Newsline on Whatsapp (Click to Join) फरीदाबादएक घंटा पहलेकॉपी लिंक98.12 फीसदी लोग होम आइसोलेशन में...