Wednesday, June 16, 2021

Today History 9 May: Aaj Ka Itihas Updates | Birth Control Pill and World Bank First Loan To France | दुनिया की पहली बर्थ कंट्रोल पिल को मंजूरी मिली, 5 साल के भीतर अमेरिका की हर चौथी शादीशुदा महिला इसका इस्तेमाल करती थी

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1960 में आज ही के दिन अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने दुनिया की पहली बर्थ कंट्रोल पिल को मंजूरी दी थी। इस पिल का नाम इनोविड-10 था जिसे जीडी सर्ल नामक कंपनी ने बनाया था।

बर्थ कंट्रोल पिल को अमेरिकी महिला और बर्थ कंट्रोल एक्टिविस्ट मार्ग्रेट सेंगर के दिमाग की उपज माना जाता है। सेंगर ने इसके लिए करीब 50 साल तक संघर्ष किया था। वो एक नर्स थीं। 1916 में उन्होंने अमेरिका का पहला बर्थ कंट्रोल क्लीनिक न्यूयॉर्क के ब्रूकलिन में खोला था। ये वो दौर था जब दुनिया के ज्यादातर देशों में बर्थ कंट्रोल और गर्भपात को गैरकानूनी माना जाता था। इसी वजह से ये क्लीनिक महज 10 दिन ही चल सका।

अगले ही साल न्यूयॉर्क की एक कोर्ट ने सेंगर को 30 दिनों के लिए जेल में डाल दिया। 1914 में उन्होंने ‘फैमिली लिमिटेशन’ नाम की किताब लिखी। इस किताब पर भी बैन लगा दिया गया। उन पर मुकदमा हो गया और उन्हें देश छोड़कर भागना पड़ा। 1917 में उन्होंने लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से ‘बर्थ कंट्रोल रिव्यू’ नाम से एक मैगजीन को पब्लिश करना शुरू किया। 1917 में भी उन्हें फैमिली प्लानिंग इंफॉर्मेशन लोगों को देने के लिए जेल हुई थी।

बर्थ कंट्रोल पिल को अमेरिकी महिला और बर्थ कंट्रोल एक्टिविस्ट मार्ग्रेट सेंगर के दिमाग की उपज माना जाता है। सेंगर ने इसके लिए करीब 50 साल तक संघर्ष किया था।

बर्थ कंट्रोल पिल को अमेरिकी महिला और बर्थ कंट्रोल एक्टिविस्ट मार्ग्रेट सेंगर के दिमाग की उपज माना जाता है। सेंगर ने इसके लिए करीब 50 साल तक संघर्ष किया था।

सेंगर के प्रयासों के चलते 1940 तक अमेरिका में बर्थ कंट्रोल से जुड़े करीब 400 क्लीनिक खुल गए। 1950 में सेंगर पहली बार जीव विज्ञानी ग्रेगरी गुडविन पिंकस से मिलीं। इस मुलाकात में उन्होंने पिंकस से ओरल बर्थ कंट्रोल पिल पर काम करने का अनुरोध किया। सेंगर का प्रस्ताव बहुत जोखिम भरा था।

हालांकि, लंबे सोच विचार के बाद 1953 में ग्रेगरी पिंकस ने जॉन रोक के साथ मिलकर बर्थ कंट्रोल पिल बनाने का काम शुरू किया। 29 अक्टूबर 1959 को फार्मा कंपनी जीडी सेरल्स ने बर्थ कंट्रोल पिल बनाने की मंजूरी के लिए अमेरिका की फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) में एप्लीकेशन डाली। 1960 में आज ही के दिन FDA ने इसको मंजूरी दे दी। दो दिन बाद 11 मई को FDA ने इसके इस्तेमाल को मंजूरी देने का सार्वजनिक तौर पर ऐलान किया।

इसके बाद से ही इन पिल्स का इस्तेमाल बढ़ने लगा। प्लान्ड पेरेंटहुड फेडरेशन ऑफ अमेरिका के मुताबिक 1965 तक अमेरिका में 45 साल से कम उम्र की हर चौथी शादीशुदा महिला इन पिल्स का इस्तेमाल प्रेग्नेंसी रोकने के लिए करने लगी। 1970 में अमेरिका ने इन पिल्स को अविवाहित महिलाओं को इस्तेमाल करने की भी इजाजत दे दी। आज भी अनचाही प्रेग्नेंसी रोकने के लिए पिल्स का इस्तेमाल खूब किया जाता है।

1947: वर्ल्ड बैंक ने अपना पहला लोन फ्रांस को दिया

1947 में आज ही के दिन वर्ल्ड बैंक ने पहली बार किसी देश को लोन दिया था। दरअसल 25 जून 1946 को इस बैंक ने आधिकारिक तौर पर कामकाज शुरू किया। इसके पास लोन के लिए पहली अर्जी फ्रांस की आई। फ्रांस ने वर्ल्ड बैंक से 500 मिलियन डॉलर का लोन मांगा, जिससे फ्रांस में स्टील और कोल प्लांट्स का रिकंस्ट्रक्शन किया जा सके। वर्ल्ड बैंक फ्रांस को 250 मिलियन डॉलर देने को राजी हुआ।

वर्ल्ड बैंक की स्थापना 1944 में अमेरिका के न्यू हैम्पशायर में ब्रेटन वुड्स सम्मेलन के दौरान हुई थी। इसका मुख्यालय अमेरिका के वॉशिंगटन में है। इस बैंक की स्थापना का उद्देश्य निम्न और मध्यम आय वाले देशों को विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना था। स्थापना के बाद से ही वर्ल्ड बैंक विकासशील देशों की वित्तीय मदद करता आया है। कोरोना की पहली लहर से निपटने के लिए 2020 में भी वर्ल्ड बैंक ने कई देशों को फंड दिया था। भारत को भी वर्ल्ड बैंक की ओर से 1 बिलियन डॉलर का इमरजेंसी फंड मिला था।

1866 में आज ही के दिन स्वतंत्रता सेनानी, समाजसेवी और विचारक गोपाल कृष्ण गोखले का जन्म हुआ था।

1866 में आज ही के दिन स्वतंत्रता सेनानी, समाजसेवी और विचारक गोपाल कृष्ण गोखले का जन्म हुआ था।

1866: गोपाल कृष्ण गोखले का जन्म

स्वतंत्रता सेनानी, समाजसेवी और विचारक गोपाल कृष्ण गोखले का जन्म आज ही के दिन 1866 में महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में हुआ था। उन्हें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उत्कृष्ट सामाजिक और राजनीतिक कार्यों के लिए जाना जाता है। 1884 में उन्होंने एलफिंस्टन कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद पुणे के एक स्कूल में इतिहास और राजनीति विज्ञान पढ़ाने लगे। इसी दौरान वे समाज सुधारक महादेव गोविंद रानाडे के संपर्क में आए। रानाडे के विचारों का प्रभाव उन पर जीवनभर रहा।

गोखले 22 साल की उम्र में बंबई विधान परिषद के सदस्य बने। इसी के साथ ही उनका राजनीतिक जीवन शुरू हो गया। 1899 में वे कांग्रेस के सदस्य बन गए। 1905 में गोखले को कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए चुना गया। गोखले ने भारतीय शिक्षा को विस्तार देने के लिए सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी की स्थापना की। गोखले का मानना था कि स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनने के लिए शिक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है। इस सोसाइटी का उद्देश्य युवाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें शिक्षा देना था। गोखले को गांधी जी भी अपना राजनीतिक गुरु मानते थे। गांधी जी ने गोखले के ऊपर ‘धर्मात्मा गोखले’ नामक एक किताब भी लिखी थी।

9 मई के दिन को इतिहास में और किन-किन वजहों से याद किया जाता है

2012: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने समलैंगिक विवाह को अपना समर्थन दिया।

2009: नासा ने चांद पर पानी की खोज के लिए टोही यान भेजा।

2009: जैकब जुमा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति बने।

2004: चेचन्या में एक विस्फोट में वहां के राष्ट्रपति अखमद कादरोव का निधन हुआ।

1998: भारतीय गजल गायक और अभिनेता तलत महमूद का निधन।

1986: माउंट एवरेस्ट, हिमालय पर पहुंचने वाले सर्वप्रथम इंसान तेनजिंग नोर्गे का निधन।

1955: पश्चिम जर्मनी नाटो का सदस्य बना। फ्रांस स्थित नाटो मुख्यालय में जर्मनी का ध्वज फहराया गया।

1901: ऑस्ट्रेलिया की पहली संसद मेलबर्न में शुरू की गई।

1874: बॉम्बे (अब मुंबई) में पहली बार घोड़े से खींची जाने वाली ट्रॉम शुरू की गई। 1907 में इसकी जगह इलेक्ट्रिक ट्रॉम ने ले ली थी।

1653: ताजमहल बनाने का काम पूरा हुआ। इसे बनाने में 22 साल लगे थे।

1540: राजस्थान के कुंभलगढ़ में महाराणा प्रताप का जन्म हुआ। वे मेवाड़ के 54वें राजा थे।

1502: क्रिस्टोफर कोलंबस ने स्पेन से अपने चौथे और आखिरी सफर की शुरुआत की। इस यात्रा के दौरान कोलंबस ने निकारागुआ, जमैका, क्यूबा जैसी जगहों की खोज की।

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