Tuesday, June 22, 2021

Serum king threat, investment decision not made in UK hurriedly | सीरम की बादशाहत को खतरा, यूके में निवेश का फैसला हड़बड़ी में नहीं हुआ

Must Read

Senior Qatari diplomat says Indian officials engaged in talks with Taliban | World News

For breaking news and live news updates, Join us on Whatsapp A senior Qatari diplomat, involved in the Afghan...

Covid-19 vaccines losing effect against Delta variant, says WHO official | World News

For breaking news and live news updates, Join us on Whatsapp Covid-19 vaccines are showing signs of reduced efficacy...

Canada won’t open border fully until 75% people vaccinated | World News

For breaking news and live news updates, Join us on Whatsapp The Canadian government announced a loosening of Covid-19...

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें Smart Newsline ऐप

अदार पूनावाला

  • मॉडर्ना जैसी कंपनियां ग्लोबल स्तर पर दे रही हैं चुनौती, कानून भी बन रहे हैं बाधा

सीरम के सीईओ अदार पूनावाला ने यूके में 2,460 करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा की है। इसे उनके उस बयान से जोड़ा गया, जिसमें कहा था कि भारत में वैक्सीन सप्लाई को लेकर मुख्यमंत्रियों और कॉर्पोरेट्स उन्हें धमका रहे हैं। पर एक स्वतंत्र मीडिया हाउस ‘द केन’ ने दावा किया है कि पूनावाला का निवेश हड़बड़ी में लिया फैसला नहीं है। रिपोर्ट में सीमा सिंह और आनंद कल्याणरमन ने बताया कि सीरम की वास्तविक वित्तीय स्थिति क्या है? यूके में निवेश का फैसला क्यों लिया? आगे उसकी स्ट्रैटजी क्या रहने वाली है?

क्या यूके में निवेश की घोषणा सीरम की किसी दूरगामी योजना का हिस्सा है?
हां। काफी हद तक। द केन की रिपोर्ट के अनुसार सीरम ने वैक्सीन डोज बनाने की क्षमता एक अरब डोज तक बढ़ा ली है। उसने स्पाईकैचर नाम की नई टेक्नोलॉजी से बनी एक और कोरोना वैक्सीन के लिए लाइसेंस हासिल किया है। मलेरिया की वैक्सीन भी लाने की तैयारी है। जब ब्रिटिश पीएम ने घोषणा की कि सीरम 2,460 करोड़ रुपए का निवेश कर रही है तो पूनावाला के करीबी लोगों को कोई आश्चर्य नहीं हुआ। भरपूर कैश रखने वाली कंपनी नए देशों में निवेश के अवसर तलाश रही है तो निश्चित तौर पर यह लॉन्ग टर्म स्ट्रैटजिक इन्वेस्टमेंट है।

इस समय सीरम का वैल्युएशन कितना है?
70 हजार करोड़ से 1.90 लाख करोड़ रुपए तक। सीरम लिस्टेड कंपनी नहीं है। उसका मालिकाना हक पूनावाला परिवार के पास है। इस वजह से वैल्युएशन के लिए अलग-अलग फॉर्मूलों का इस्तेमाल करना होगा। मार्च 2020 में समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी ने 41% मुनाफा कमाया। अगर इसे आधार बनाकर कैल्कुलेशन करते हैं तो वैल्यूएशन 70 हजार करोड़ रुपए होगा। फार्मा इंडस्ट्री के औसत आंकड़ों और वित्त वर्ष 19-20 के मुनाफे को देखें तो वैल्यूएशन 1.10 लाख करोड़ होगा। महामारी में वैक्सीन की मांग बढ़ी, इस हिसाब से वैल्यूएशन 1.25 लाख करोड़ से 1.90 लाख करोड़ रुपए के बीच होगा।

सीरम का पूरा फोकस अभी कहां है?
सीरम का फोकस नई वैक्सीन टेक्नोलॉजी डेवलप और हासिल करने पर है। सीरम ने सितंबर में स्पाईबायोटेक के साथ एक्सक्लूसिव ग्लोबल लाइसेंसिंग एग्रीमेंट किया। इसने नई वायरस-लाइक-पार्टिकल टेक्नोलॉजी से कोरोना वैक्सीन बनाई है, जिसके ट्रायल्स ऑस्ट्रेलिया में शुरू हुए हैं। इसकी सीईओ सुमी बिस्वास भारतीय मूल की हैं। सीरम ने ऑक्सफोर्ड के जेनर इंस्टीट्यूट से भी करार किया है। जेनर का दावा है कि उसकी मलेरिया वैक्सीन 77% इफेक्टिव रही है। पहली बार किसी मलेरिया वैक्सीन ने डब्ल्यूएचओ के 75% प्रभावी होने का लक्ष्य पार किया है। इसे भी सीरम ही बनाने वाली है।

भारत से बाहर जाने की क्या मजबूरी थी?
सीरम के रेवेन्यू टारगेट्स भारत में पूरे नहीं हो सकते थे। मार्च 2020 में खत्म वित्तीय वर्ष में घरेलू आय 31% घटी, जबकि पिछले साल 63% बढ़ी थी। इसकी भरपाई एक्सपोर्ट ने की, जो 19% बढ़ा। इससे राजस्व 4% बढ़ा। दूसरी वजह है- भारत में वैक्सीन की कीमतें दुनिया में सबसे कम होना। पेंटावेलेंट और रोटावायरस वैक्सीन से भी ज्यादा लाभ नहीं हुआ। बच्चों के लिए वैक्सीन बनाने वाली कंपनी को भारत में फायदा नहीं हो रहा है तो यह उसके लिए एक बड़ी चेतावनी और चुनौती दोनों है।

सीरम को यूके में क्या लाभ मिलेगा?
सीरम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपस्थिति मिलेगी। बड़ी बायो टेक्नोलॉजी कंपनियां भारत में लाइसेंस लेने में घबराती हैं। खासकर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी से जुड़े कानून और मुकदमेबाजी की वजह से। प्रक्रिया भी धीमी है। ऐसे में सीरम के लिए यूके में लाइसेंस और ऑर्डर हासिल करना आसान हो जाएगा। उसे ग्लोबल स्ट्रैटजी भी बदलनी होगी। जिस मॉडर्ना को बड़े स्तर पर प्रोडक्शन का अनुभव नहीं था, उसने भी 50 करोड़ डोज की डील हासिल की है। ऐसी चुनौतियां सीरम के सामने हैं।

क्या सीरम सिर्फ वैक्सीन तक सीमित है?
नहीं। पूनावाला फैमिली ने और भी उद्योगों में निवेश किया है। एविएशन और क्लीन एनर्जी बिजनेस से भी कमाई शुरू हो गई है। मार्च 2020 में सहायक कंपनियों की संख्या दोगुनी होकर 8 हो गई थी। भारत में फिनटेक और विंड एनर्जी जैसे क्षेत्रों में निवेश किया है। एविएशन बिजनेस अब प्रॉफिट में है। क्लीन एनर्जी बिजनेस ने 73 करोड़ रुपए का राजस्व 2019-20 में कमाया। पूनावाला की व्यक्तिगत रुचि की वजह से नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी मैग्मा फिनकॉर्प में 3,456 करोड़ रु. में 60% हिस्सेदारी खरीदी। कैश की कमी नहीं है। कंपनी छोटे, मध्यम और बड़े कर्ज देकर बाद में अच्छी कमाई कर सकती है।

खबरें और भी हैं…

For breaking news and live news updates, like us on Facebook or follow us on Twitter and Linkedin. Read more on Latest India News on Smart Newsline



Latest News

Janhvi Kapoor twerks, gives piggyback ride in new video; Arjun Kapoor has hilarious reaction | Bollywood

For breaking news and live news updates, Join us on Whatsapp Janhvi Kapoor has announced the return of her 'Aksa gang' with a hilarious...

Akshay Kumar busts another FAKE news, denies doing Sajid Nadiadwala’s next with Ahan Shetty | Bollywood

For breaking news and live news updates, Join us on Whatsapp The man has so many films in hand, that every day, a new...

Kunal Kemmu gets vaccinated, says he is ‘ready to be back on set’. See pic | Bollywood

For breaking news and live news updates, Join us on Whatsapp Actor Kunal Kemmu on Monday received his jab of the coronavirus vaccine. Kunal...

Shilpa Shetty told how doing Bhramari Pranayama increases nitric oxide, helps in fighting corona | शिल्पा शेट्टी ने बताया कि कैसे भ्रामरी प्राणायाम करने...

For breaking news and live news updates, Join us on Whatsapp हर साल 21 जून को योग दिवस मनाया जाता है। अगर योग की...

More Articles Like This