Tuesday, June 15, 2021

Rajasthan Coronavirus Situation Report; Dausa Sikar Bhilwara | Doctor Ignored Patients And Hospital Bed Issue | CM ऑफिस और सांसद के फोन पर भी नहीं मिल पा रहा बेड; डॉक्टर कहते हैं- जो पहले से भर्ती हैं, उन्हें हटाकर दूसरों को कैसे जगह दे दें?

Must Read

Pakistan’s Sindh, Khyber Pakhtunkhwa to end 2-day Covid-19 lockdown policy | World News

For breaking news and live news updates, Join us on Whatsapp Businesses in Khyber Pakhtunkhwa will now be allowed...

Joe Biden promises to lay down ‘red lines’ to Russia’s Vladimir Putin | World News

For breaking news and live news updates, Join us on Whatsapp US President Joe Biden said Monday he would...

For breaking news and live news updates, Join us on Whatsapp

  • National
  • Rajasthan Coronavirus Situation Report; Dausa Sikar Bhilwara | Doctor Ignored Patients And Hospital Bed Issue

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें Smart Newsline ऐप

राजस्थान के ज्यादा आबादी वाले जिलों में हालात बुरे हैं। यहां बेड की कमी है। ऐसे में मरीज नेताओं से सिफारिश करते हैं, फिर भी बेड नहीं मिल पाते। वहीं, गांवों में सरकार के लिए लोगों की लापरवाही, टोटके और झोलाछाप डॉक्टरों पर उनका अंधविश्वास नई चुनाैती बनकर उभर रहा है। आज आपको बताते हैं दौसा, सीकर और भीलवाड़ा के गांवों का हाल…

1. लोगों का आरोप- मरीज के पास जाने से कतराने लगे डॉक्टर
– दौसा जिले से दिलीप चौधरी और मनीष शर्मा की
रिपोर्ट

सबसे पहले बात दौसा जिले की। यहां कोरोना का कहर जारी है। अब एक ही परिवार में दो-तीन मौतें होने लगी हैं। सांसों को बचाने के लिए CMO और सांसद तक से सिफारिश कराना पड़ रही है, लेकिन फिर भी बेड नहीं मिल पा रहे। बदइंतजामी का आलम ये है कि वार्ड में भर्ती मरीजों को बिस्तर, पानी, हवा और ऑक्सीजन के लिए भी इंतजाम खुद ही करना पड़ रहा है।

दौसा के जिला अस्पताल में अपने साथ पंखे और सैनिटाइजर लिए पहुंचा मरीज।

जब Newsline टीम ने हालात का जायजा लिया, तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। गंभीर मरीजों के पास जाने से डॉक्टर खुद भी कतराने लगे हैं। मरीजों के परिजनों ने बताया कि वार्ड में डॉक्टर तो राउंड करते ही नहीं, बल्कि बाहर से ही निर्देश देकर चले जाते हैं।

वहीं, दौसा के जिला अस्पताल के प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर सीएम मीणा बताते हैं कि बेड के लिए बड़े-बड़े अधिकारियों, नेताओं के फोन आते हैं, लेकिन जो मरीज पहले से भर्ती हैं, उन्हें कैसे हटाकर दूसरे को बेड दे सकते हैं। मौतें हो रही हैं क्योंकि गांवों में लोग बुखार होने पर जांच नहीं करवा रहे। पहले खुद दवा लेते हैं। स्थिति ज्यादा खराब होने पर अस्पताल आते हैं। मरने वालों में युवा ज्यादा हैं।

पोते से लेकर दादा-दादी मवेशियों के बाड़े में क्वारैंटाइन
दौसा के पास बरखेड़ा गांव में बुजुर्ग हरगोविंद की मौत के बाद बच्चों से लेकर दादा-दादी तक परिवार के कई लोग पॉजिटिव आ गए। क्वारैंटाइन के लिए जगह नहीं मिली तो पशुओं के बाड़े में ही गाय-भैंसों के बीच चारपाई बिछा ली। मकान के बाहर बल्लियां लगाकर पूरी तरह से आने जाने पर रोक लगा रखी है। कोई किताबें या अखबार पढ़कर तो कोई रामायण बांचकर दिन गुजार रहा है।

अफवाह- सरकारी अस्पताल में होती हैं मौत
गांव के लोगों में सरकारी अस्पतालों में मौतें होने की अफवाह फैली हुई है। इसका असर साफ नजर आ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में बने सरकारी हेल्थ सेंटर्स पर मरीजों की संख्या न के बराबर है, जबकि गांवों में झोलाछापों के पास मरीजों की कतारें देखने को मिलीं।

दौसा से 20 किमी दूर गढ़सराय गांव में कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में बेड खाली थे, मगर सिर्फ पांच सौ मीटर आगे दो झोलाछापों की दुकान के सामने मरीजों की कतार लगी थी। इलाज के बहाने झोलाछाप मरीजों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं।

ग्रामीण इलाकों में लोग झोलाछाप डॉक्टरों के यहां इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

ग्रामीण इलाकों में लोग झोलाछाप डॉक्टरों के यहां इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

पॉजिटिव नहीं हो जाएं, इस डर से जांच नहीं करा रहे मरीज

सरकार के लिए गांव के लोगों की लापरवाही और अंधविश्वास एक नई चुनौती बन गई है। दौसा जिला अस्पताल PMO ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में जो बीमार लोग हैं, वो जांच इसलिए नहीं कराते कि कहीं रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आ जाए।

जब Newsline टीम भांडारेज, कालाखोह, रेटा और दुब्बी गांव के लोगों से रूबरू हुई तो चाैंकाने वाली हकीकत सामने आई। घर-घर में दो से तीन लोग जुकाम बुखार के मरीज हैं, लेकिन कोरोना की जांच नहीं करवा रहे हैं। उन्हें डर हैं वो पॉजिटिव नहीं जा जाएं।

2. हर घर के बाहर नीम का पेड़- भीलवाड़ा के मांडलगढ़
-बिजौलिया से जसराज ओझा की
रिपाेर्ट

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में ऑक्सीजन का संकट पेड़ाें की अहमियत समझा रहा है। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया ब्लाॅक में विक्रमपुरा एक ऐसा गांव है, जिसने सांसाें के लिए ऑक्सीजन का महत्व 10 साल पहले समझ लिया था। यहां दूर-दूर तक गहरी खदानें और इनसे निकले पत्थराें के ढेर नजर आते हैं।

बेतहाशा खनन हरियाली काे लील गया था। JCB से खुदाई के समय धूल उड़ती थी। इससे सांस की बीमारियां और मौतें होने लगीं। ज्यादातर लोगों को सिलिकोसिस की बीमारी होती। इसमें सांस लेने की तकलीफ रहती, तब लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर जुटाने पड़ते थे।

10 साल पहले हालात ऐसे थे कि पंचायत क्षेत्र में दाे हजार के करीब लोगों को सांस की बीमारी थी। दाे साल में 250 लाेगाें की माैत हाे गई थी। कई गांव विधवाओं के गांव कहे जाने लगे। तब लोगों ने यहां पेड़ लगाने शुरू किए। विक्रमपुरा ने इसकी पहल की। यहां अब हर घर के बाहर नीम का पेड़ है।

विक्रमपुरा गांव में लोगों ने मुख्य द्वार के आगे भी नीम का पेड़ आया, तो उसे काटा नहीं।

विक्रमपुरा गांव में लोगों ने मुख्य द्वार के आगे भी नीम का पेड़ आया, तो उसे काटा नहीं।

गांव के घीसीलाल धाकड़ ने बताया कि वे पिछले 2 साल से रोज सुबह अपने घर के बाहर वाले नीम के पेड़ के नीचे 3 घंटे बैठते हैं। इसी की टहनी से दातून कर कुछ पत्तियां खाते भी हैं। अब उनको सांस लेने में तकलीफ नहीं है। अस्पताल जाए बगैर इलाज हाे गया।

गांव के लोगों ने बताया कि सरकारी भवन हो या किसी का मकान, सभी के बाहर और परिसर में पेड़ लगे हुए हैं। मदनलाल भील, रामफूल धाकड़, सुशील जैन, शंभू धाकड़ ने बताया कि गांव में कोई आता है तो पेड़ाें काे देखकर आश्चर्य करता है। हमारे यहां कोरोना से हालात बेकाबू नहीं हुए।

यहां के फिजिशियन डॉक्टर सुधीर मालू बताते हैं कि काेराेना के समय मरीजाें के लिए साफ हवा बहुत जरूरी है। इसलिए जिस भी जगह पेड़ ज्यादा हाेंगे और मरीज उसके आसपास रहेगा ताे सांस लेने में तकलीफ कम हाेगी। अब तक मैंने गांव उलेला कजरी में वन विभाग और जन सहयाेग से 5 हजार पेड़ लगवाए हैं।

विक्रमपुरा गांव के लोग पंचायत के सहयोग से हर साल पेड़ लगाते हैं। दस साल सरपंच रहे मुकेश धाकड़ ने बताया कि हमने ट्री गार्ड भी पत्थरों से ही बना रखे हैं। ये पत्थर खदानाें से वेस्ट निकलते हैं।

बाहर बैठता है पूरा गांव
इसी पंचायत में एक गांव है लक्ष्मणपुरा। इसमें 30 घर और 50 पेड़ है। गांव के सीताराम धाकड़ और देवीलाल ने बताया कि गांव में हमने पेड़ लगाए है ताकि ताजा हवा मिले। कोरोना से ठीक होने के बाद गट्टूदेवी को दिन में 4 घंटे पेड़ के नीचे सुलाते थे ताकि ऑक्सीजन लेवल बना रहे। इसका फायदा भी मिला।

3. काेराेना और ब्लैक फंगस से बचने के लिए टोने-टोटके
– सीकर से यादवेंद्र सिंह राठौड़ की
रिपोर्ट

कोरोना के मामलों में लाेगाें का अंधविश्वास से पर्दा नहीं उठ रहा है। लाेग काेराेना और ब्लैक फंगस से बचने के लिए घराें में टाेने-टाेटके कर रहे हैं। सीकर जिले की फतेहपुर तहसील के करीब 300 घराें में लाेगाें ने दरवाजों पर नीम के पत्ते, नींबू और हरी मिर्च टांग रखी है। उनका मानना है कि इससे काेराेना घर में नहीं आएगा।

महिलाओं ने सात शनिवार के उपवास रखना भी शुरू कर दिए हैं। महिलाओं का मानना है कि उपवास करने से शनिदेव प्रसन्न हाेंगे और परिवार में किसी भी प्रकार की महामारी नहीं आएगी।। फतेहपुर के कई क्षेत्राें और आसपास के गांवाें में भी यह अंधविश्वास तेजी से फैल रहा है।

फतेहपुर शेखावाटी के एक इलाके में कोरोना और ब्लैक फंगस काे दूर रखने के लिए घरों के मुख्य द्वार पर नींबू, मिर्ची और नीम की पत्तियां बांध रहे हैं।

फतेहपुर शेखावाटी के एक इलाके में कोरोना और ब्लैक फंगस काे दूर रखने के लिए घरों के मुख्य द्वार पर नींबू, मिर्ची और नीम की पत्तियां बांध रहे हैं।

फतेहपुर शेखावाटी के एक इलाके में कोरोना और ब्लैक फंगस काे दूर रखने के लिए घरों के मुख्य द्वार पर नींबू, मिर्ची और नीम की पत्तियां बांध रहे हैं। यहां के लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। उनका मानना है कि घर से बाहर निकले ताे बुरी शक्ति का प्रभाव पड़ेगा।

4. मांएं चिंता में, घराें में बच्चों की नजर उतार रहे
– पाली-नागौर से कन्नू भीलवारा और उदयवीर सिंह राजपुराेहित की
रिपोर्ट

कोरोना की पहली लहर ने बुजुर्गों और दूसरी लहर ने युवाओं को चपेट में लिया। अब तीसरी लहर में बच्चों काे संक्रमित करने की आहट काे सुनकर खासकर महिलाएं अपने बच्चों काे लेकर ज्यादा चिंता में हैं। बच्चों काे बचाने के लिए टाेना-टाेटका अपना रही हैं।

बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए महिलाएं अपने बच्चों काे दीपक से 21 या 11 बार वारकर नजर उतार रही हैं। कई गांवों में हवन हो रहा है। बच्चे भी मंत्रजाप कर रहे हैं।

बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए महिलाएं अपने बच्चों काे दीपक से 21 या 11 बार वारकर नजर उतार रही हैं। कई गांवों में हवन हो रहा है। बच्चे भी मंत्रजाप कर रहे हैं।

पाली के ढाेला और नागाैर जिले के कई गांवों में Newsline टीम ने जाकर देखा ताे महिलाएं अपने बच्चों काे दीपक से 21 या 11 बार वारकर नजर उतार रही हैं। कई गांवों में हवन हो रहा है। बच्चे भी खुद काे काेराेना से बचाने के लिए मंत्रजाप कर रहे हैं। ढाेला में ताे बच्चों में ऐसा खाैफ है कि वे नियमित ताैर पर हवन-अनुष्ठान कर रहे हैं और गायत्री मंत्र का जाप कर रहे हैं।

Newsline के रिपाेर्टराें ने नागाैर के मकराना, मंगलाना, बाेरावड़ सहित इनसे जुड़े गांवों में जाकर देखा ताे पाया कि इन गांवों में 18 साल से कम उम्र के बच्चों की नजर उतारने की प्रथा अपनाई जा रही है। हर दूसरे घर में सांझ ढलने पर घर की बुजुर्ग महिला बच्चों को पास लेकर बैठ जाती है।

2 महीने में 400 से ज्यादा ने दम ताेड़ा, सरकारी रिकाॅर्ड में 151 ही दर्ज

काेराेना संक्रमण से ग्रसित हाेकर नागाैर जिले में 400 से अधिक लाेगाें ने दाे महीने में ही दम ताेड़ दिया है। लेकिन सरकारी आंकड़ों में 151 माैतें ही मानी जा रही। Newsline टीम ने 40 से ज्यादा गांवों में जाकर देखा ताे हर गांव में कई घराें की चाैखट पर शाेक बैठक के लिए चादर बिछी हुई नजर आई।

उधर, मकराना में दूसरी लहर में 15 अप्रैल से 15 मई के बीच काेराेना से 155 मौतें हो चुकी हैं। इनमें कोविड रोगी व सिम्पटोमेटिक की संख्या 25 है। हैरानी की बात यह है कि सरकारी आंकड़ों में इस एक महीने में एक भी मौत नहीं बताई गई है।

मकराना के सरकारी आंकड़ों पर जाएं तो चौंका देने वाली बात यह भी सामने आई कि कोराेना की पहली लहर से लेकर दूसरी लहर में अब तक महज 5 मौतें ही दर्ज हैं, जबकि इस एक साल में तकरीबन 500 से ज्यादा लोग मर चुके हैं।

खबरें और भी हैं…

For breaking news and live news updates, like us on Facebook or Whatsapp or follow us on Twitter and Linkedin. Read more on Latest India News on Smart Newsline



Latest News

Filmmaker Ashutosh Gowariker on 20 years of lagaan, said – Aamir Khan had refused saying that I should not do this film, you can...

For breaking news and live news updates, Join us on Whatsapp EntertainmentBollywoodFilmmaker Ashutosh Gowariker On 20 Years Of Lagaan, Said – Aamir Khan Had...

Dia Mirza: Deep-rooted prejudices make us forget that we are human first | Bollywood

For breaking news and live news updates, Join us on Whatsapp With OTT platforms coming to the fore stronger than before in the last...

EXCLUSIVE: Lagaan is probably my most unprepared performance, says Aamir Khan | Bollywood

For breaking news and live news updates, Join us on Whatsapp Aur Bhuvan ka naam itihaas ke panno mein kahi kho gaya... This concluding...

Shekhar Suman believes Sushant Singh Rajput was ‘murdered’, seeks closure on death case | Bollywood

For breaking news and live news updates, Join us on Whatsapp Shekhar Suman expressed his dissatisfaction with the progress in the Sushant Singh Rajput...

More Articles Like This