Sunday, June 20, 2021

80 to 90% of the country’s medical devices are coming from abroad, if the government supports, there is no such medical device that we cannot make. | 80 से 90% चिकित्सा उपकरण विदेश से आ रहे हैं, अगर सरकार साथ दे तो ऐसी कोई डिवाइस नहीं है जो हम नहीं बना सकते

Must Read

Under-18s could be Delta variant driver, virologist sounds caution on UK vaccination plan | World News

For breaking news and live news updates, Join us on Whatsapp Amid the UK’s drive to vaccinate all individuals...

‘Scale up, implement measures rigorously to prevent another Covid surge’: WHO | World News

For breaking news and live news updates, Join us on Whatsapp As more countries confirmed the prevalence of highly...

With a hardline president in Iran, ties with Saudi may hinge on nuclear pact | World News

For breaking news and live news updates, Join us on Whatsapp Gulf Arab states are unlikely to be deterred...

For breaking news and live news updates, Join us on Whatsapp

  • SNN original
  • 80 To 90% Of The Country’s Medical Devices Are Coming From Abroad, If The Government Supports, There Is No Such Medical Device That We Cannot Make.

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें Smart Newsline ऐप

भारत कोरोना की दूसरी लहर से जंग लड़ रहा है। कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए जरूरी है कि देश में बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन किया जाए। इसके लिए सीरिंज की बड़ी संख्या में जरूरत होगी। मेडिकल उपकरण के मामले में भारत की निर्भरता को लेकर Smart Newsline ने एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री के संस्थापक व हिन्दुस्तान मेडिकल डिवाइस लिमिटेड के एमडी राजीव नाथ से बातचीत की। पेश हैं उस बातचीत के प्रमुख हिस्से..

कोरोना काल में डिस्पोजेबल सीरिंज की मांग व मौजूदा समय की चुनौतियों पर क्या कहेंगे?
इसके लिए हमने पिछले साल से तैयारी शुरू कर दी थी। बीते साल मई और जून में 25 करोड़ सालाना उत्पादन क्षमता सीरिंज बनाने की थी। हमने उस समय सरकार को लिखा था कि सीरिंज स्टोर करना जरूरी है, क्योंकि वैक्सीन के समय इसकी कमी होगी। इस पर भारत सरकार ने दिसंबर में खरीद शुरू की थी। हमने WHO को भी ये सुझाव दिया था कि अब हम 80 करोड़ सालाना की उत्पादन क्षमता पर पहुंच गए हैं जो पहले 50 करोड़ सालाना थी और अगले एक दो महीनों में हम 100 करोड़ का लक्ष्य पूरा करने की उम्मीद कर रहे हैं।

भारत चिकित्सा उपकरणों को बनाने के लिए कच्चे माल के लिए दूसरे देशों पर कितना निर्भर है?
आप कच्चे माल को छोड़िए। हम बात वेंटिलेटर, पीपीई किट या ऑक्सीमीटर की करें तो सरकार ने इंडस्ट्री का बेड़ा गर्क किया हुआ है। सरकार की पॉलिसी है कि 0% या 7% आयात शुल्क लगाकर सस्ता माल लाया जाए और मरीजों की मदद की जाए। लेकिन सरकार यह महसूस नहीं कर रही कि ऐसा करने से व्यापार आयात की तरफ जाएगा और भारत में उद्योग ही नहीं लगेंगे।

ये तो आपने पहले भी देखा होगा कि मास्क या PPE कीट के लिए कितनी मारामारी हो गई थी। यदि भारत सरकार मदद करे तो ये सब यहीं बना सकते हैं और कुछ ही महीनों में उद्योग काफी बढ़ जाएगा। लोग किसी उम्मीद से निवेश करते हैं, लेकिन पिछले साल भी कोई मदद नहीं की गई। सरकार ने कस्टम ड्यूटी 0% कर दी थी जिसके कारण दाम गिर गए थे, सस्ते आयात के कारण ये हुआ था। जब आयात शुल्क बढ़ाया भी तो उसे 7.5% ही किया गया। हमारा कहना है कि इसे 15% किया जाए, जैसे मोबाइल फोन पर किया गया है ताकि उद्योग को बढ़ावा मिल सके। हमारे देश का सालाना आयात बिल 42 हजार करोड़ का है। ऐसी कोई चीज़ नहीं है जो हम नहीं बना सकते।

एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री का कहना है कि सरकार की नीति के कारण देश मेडिकल उपकरणों के मामले में पूरी तरह आयात पर निर्भर है। स्वदेशी कंपनियों का कहना है कि कम आयात शुल्क के कारण विदेश से आया माल सस्ता पड़ता है, लेकिन आपात हालात में हम पूरी तरह विदेशों पर निर्भर हो जाते हैं।

एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री का कहना है कि सरकार की नीति के कारण देश मेडिकल उपकरणों के मामले में पूरी तरह आयात पर निर्भर है। स्वदेशी कंपनियों का कहना है कि कम आयात शुल्क के कारण विदेश से आया माल सस्ता पड़ता है, लेकिन आपात हालात में हम पूरी तरह विदेशों पर निर्भर हो जाते हैं।

भारत सरकार मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर की बात कहती है, इस पर आपका क्या कहना है?
अगर हम टीम स्पिरिट के साथ काम करें तो ऐसा हो सकता है। हमें अपने भरोसे ही छोड़ दिया गया है। सरकार की ओर से कोई मदद नहीं मिल रही है। ऐसे बहुत कम लोग ही हैं जो इस लड़ाई में चल रहे हैं। देश में 85 से 90% मेडिकल उपकरण आयात होते हैं। हमारी 4 मुख्य मांगे हैं-

1. चिकित्सा उपकरण के आयात शुल्क को बढ़ाकर 15% किया जाए।

2. सरकार जो उपकरण आयात कर रही है वो उपयोग किए हुए (सेकेंड हैंड) आते हैं, उस पर सरकार का नियंत्रण होना चाहिए।

3. हमें ड्रग से अलग चिकित्सा उपकरण कानून चाहिए।

4. ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए एक लाख से ज्यादा रेट के उपकरण हों तो उसके बिक्री दाम दो गुणा से ज्यादा नहीं हों और जो उपकरण एक हजार से एक लाख तक के हैं उनके रेट तीन गुणा से ज्यादा न हों।

ये सब करने से जनता को लाभ होगा। यह काम सरकार को करना चाहिए लेकिन ये सब इसलिए नहीं हो रहा है क्योंकि जो इंपोर्टर की लॉबी है वो हमसे ज्यादा मजबूत है। डॉक्टरों की लॉबी भी मज़बूत है। जो इंपोर्टर हैं वो डॉक्टरों को सामने खड़ा करके PMO से भी हमारे जो सुझाव पर रोक लगवा देते हैं।

भारत में 18 प्लस के वैक्सीनेशन की घोषणा के बाद डिस्पोजेबल सीरिंज की मांग तेजी से बढ़ेगी। स्वदेशी मेडिकल उपकरण बनाने वाली कंपनियों का कहना है कि बीते साल के मुकाबले हमने उत्पादन को करीब चार गुना कर लिया है।

भारत में 18 प्लस के वैक्सीनेशन की घोषणा के बाद डिस्पोजेबल सीरिंज की मांग तेजी से बढ़ेगी। स्वदेशी मेडिकल उपकरण बनाने वाली कंपनियों का कहना है कि बीते साल के मुकाबले हमने उत्पादन को करीब चार गुना कर लिया है।

आप मौजूदा हालात में चिकित्सा उपकरण उद्योग का क्या भविष्य मानते हैं?
हमें रोना आता है। डॉक्टर कहते हैं कि हमारे पास उपकरण की कमी है और भारत में कोई बनाता नहीं है। जब हम बनाते हैं तो कोई खरीदता नहीं है और कहते हैं कि बाहर से हमें सस्ता माल मिल रहा है। हम सरकार से इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने को कहते हैं तो वो इसे डॉक्टर व मरीज़ों के लिए हानिकारक बताते हैं। कुछ समय के लिए कड़वी गोली खानी पड़ेगी। सरकार मोबाइल फोन पर इंपोर्ट ड्यूटी 0% तो नहीं करती।

सुना है आपके पास दुनिया के कई देशों से सीरिंज के ऑर्डर लगातार आ रहे हैं
हम 120 देशों को सप्लाई करते हैं, लेकिन अभी तो वैक्सीन के लिए सीरिंज की सप्लाई है उसमें हमारे लिए सबसे पहले भारत है। कुछ देशों से हमारे करार कोरोना से पहले से चल रहे हैं। हम उन्हें सप्लाई दे रहे हैं, लेकिन जो नई कंपनियां कोरोना वैक्सीन के लिए सीरिंज मांग रही हैं उनको हम अभी मना कर रहे हैं, क्योंकि पहले हमें अपने देश की जरूरत को पूरा करना है।

खबरें और भी हैं…

For breaking news and live news updates, like us on Facebook or Whatsapp or follow us on Twitter and Linkedin. Read more on Latest India News on Smart Newsline



Latest News

Ahead of International yoga Day Kangana Ranaut said that she cured her mother’s diabetes thyroid and other illnesses with yoga | कंगना ने योग...

For breaking news and live news updates, Join us on Whatsapp कंगना रनोट ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले अपने पैरेंट्स की योग करती...

Anushka Sharma shares unseen pic from pregnancy days in Father’s Day post for Virat Kohli and her dad | Bollywood

For breaking news and live news updates, Join us on Whatsapp Anushka Sharma has shared a gallery of pictures with her husband, cricketer Virat...

Sara Ali Khan shared the photo of her school days, wrote- Find me | सारा अली खान ने शेयर की अपने स्कूल के दिनों...

For breaking news and live news updates, Join us on Whatsapp बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर...

Kangana Ranaut says she avoided mother’s open heart surgery with yoga: ‘Told her give me 2 months’ | Bollywood

For breaking news and live news updates, Join us on Whatsapp Ahead of International Day of Yoga, Kangana Ranaut has shared a post on...

More Articles Like This